Jan 1, 2014

गुड़गावां क्षत्रिय चिंतन बैठक संपन्न

वर्ष के अंतिम दिन ३१ दिसम्बर को जहाँ पूरा देश नववर्ष के स्वागत जश्न में डूबा था, वहीँ सेक्टर ९ गुड़गावं में देश के विभिन्न प्रान्तों से जुटे क्षत्रिय समाज के नेता व प्रबुद्ध सामाजिक कार्यकर्त्ता समाज की पिछड़ती आर्थिक, राजनैतिक हालात पर चर्चा व चिंतन करने में जुटे थे| भारतीय शक्ति दल की महिला मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवरानी निशाकँवर के घर मुंबई से आये महाराणा प्रताप बटालियन के चीफ कमांडर ठाकुर अजय सिंह सेंगर, श्री राजपूत युवा परिषद् राजस्थान के अध्यक्ष उम्मेदसिंह करीरी, प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्त्ता छगनसिंह राठौड़, महिपाल सिंह तंवर,करण सिंह नरुका, राजेन्द्र सिंह बसेठ,राजवीर सिंह चौहान,रतन सिंह भगतपुरा व उतरप्रदेश से वंश ठाकुर, सुरेन्द्र प्रताप सिंह,और राष्ट्रवादी विचारधारा से ओतप्रोत शिवकुमार सिंह राघव आदि कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने क्षत्रिय वीर ज्योति मिशन पर गहन चिंतन मनन किया|

इस अवसर पर क्षत्रिय वीर ज्योति के संस्थापक सदस्य राजेन्द्र सिंह बसेठ ने क्षत्रिय वीर ज्योति मिशन पर विस्तार से प्रकाश डाला| बैठक में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने क्षत्रिय वीर ज्योति मिशन को त्वरित गति से आगे बढाने हेतु जल्द से जल्द कार्ययोजना पर कार्य शुरू करने व मिशन के लिए आवश्यक धन जुटाने पर बल दिया|

विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के साथ ही देश के पांचों प्रान्तों से आये प्रतिनिधियों ने दिल्ली के अंतरराज्यीय बस अड्डे (आई.एस.बी.टी.) के पास कुदसिया पार्क में लगी वीर शिरोमणि, हिंदुआ सूर्य और स्वतंत्रता के प्रेरणा स्रोत महाराणा प्रताप की प्रतिमा मैट्रो रेल प्रशासन से द्वारा कुछ वर्ष पहले हटाने व अब तक उचित स्थान पर प्रतिमा वापस नहीं लगाने पर चिंता जाहिर करते हुये रोष व्यक्त किया और प्रतिमा पुनर्स्थापित करवाने हेतु एक कार्य-योजना बना जल्द ही जुटने का निश्चय किया|

ज्ञात तो मैट्रो रेल निर्माण के बीच आड़े आने के चलते मैट्रो रेल प्रशासन ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा को हटा दिया और कई वर्ष बीत जाने के बाद भी आजतक मैट्रो रेल प्रशासन ने प्रतिमा वापस सम्मान सहित उचित स्थान पर लगाने की जहमत नहीं उठाई, जबकि यही मैट्रो रेल कुछ लोगों की धार्मिक भावनाओं के भड़कने के डर मात्र से ही निर्माण का रास्ता तक बदल देती है|

पूर्व में राजपूत समाज के सामाजिक संगठनों व आरटीआई कार्यकर्ताओं को मैट्रो रेल प्रशासन प्रतिमा लगाने की जिम्मेदारी लेते हुए प्रतिमा की पुनर्स्थापना करने का लिखित में वचन दे चूका है पर अभी तक अपना वचन पूरा नहीं किया|



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