Jul 29, 2013

आह्वान

घणा दिन सोलियों रे...अब तो जाग राजपूत भायला तू जाग ही जणा म्हारों सुत्योड़ों समाज जाग जवलों कुभकर्ण की सी नींद मे सुत्या हो परभाते अब त...
राजपूती ठाट !! ??? इस राजपूती ठाट ने ही तो हमे ठगा है । बरबाद हो गये हम जब से दारु का चस्का हमे लगा है॥ लाख टके का आदमी पी के एक टके का बन...

Jul 22, 2013

उम्मेद सिंह करीरी श्री राजपूत युवा परिषद् ,राजस्थान के अध्यक्ष मनोनीत

उम्मेद सिंह करीरी श्री राजपूत युवा परिषद् राजस्थान के संस्थापक सदस्यों की एक बैठक दिनांक २१-७-२०१३ को झोटवाड़ा जयपुर स्थित कार्यालय पर आ...

Jul 21, 2013

साइबर युद्धों का आगाज़

आज अपने एक फेसबूक फ्रेंड श्री बिक्रम सिंह जी से एक बहुत ही संवेदनशील मुद्दे पे लगभग एक घंटे से भी ज्यादा समय   तक फोन पे बातचीत हुई । मुद्द...

अखिल भारतीय राजपूत एकता मिशन द्वारा सेमीनार आयोजित

अखिल भारतीय राजपूत एकता मिशन फरीदाबाद द्वारा आज हरियाणा टूरिज्म के होटल मैगपाई में "क्षत्रिय इतिहास तथा वर्तमान परिपेक्ष में क्षत्रियो...

Jul 17, 2013

वीर मुकंद दास खींची पर डाक टिकट जारी करने व जोधपुर में प्रतिमा लगाने की मांग

जोधपु र।  कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि क्षत्रिय समाज को भविष्य की सोच के साथ आगे बढऩा होगा। जो समाज भविष्य के...

Jul 16, 2013

दिग्विजय सिंह के राजनैतिक आचरण से आहत ना हो राजपूत युवा

कांग्रेस के नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री दिग्विजय सिंह अपने विवादित बयानों के लिए अक्सर लोगों के निशाने पर रहते है| सोशियल साइट...

Jul 13, 2013

Jul 10, 2013

छोटानागपुर के नागवंशी (इतिहास में सबसे लम्बे समय तक राज करने के लिए इन्हें अवस्य याद किया जायेगा ),साभार-डॉ. सुधा सिन्हा (रीडर, रांची कॉलेज, रांची विश्वविद्यालय) की किताब "छोटानागपुर के नागवंशी"

नागवंशी ईसाई युग की शुरुआत के बाद से छोटानागपुर के शासक थे| पहले नागवंशी शासक फणी मुकुट राय का 64 ई. में जन्म हुआ| उन्हें सुताम्बे  के पार...

Jul 8, 2013

नागवंश के गढ़ सुअरमार में अब मिला अद्भुत शिवलिंग!

प्राचीन सुअरमार क्षेत्र में नागवंशीय राजाओं के शासनकाल का प्रमाण मिला है। यहां मिले शिवलिंग से इस प्रमाण को पुख्ता माना जा रहा है कि 8वीं...

(नागवंशी राजकुमारी का जौहर )वीरांगना चमेली बावी: एक अविस्मरणीय समर गाथा

रात बहुत हो चुकी थी लेकिन अन्नमदेव अभी सोये नहीं थे। उनकी आँखों के आगे रह रह कर उस वीरांगना की छवि उभर रही थी जिसनें आज के युद्ध का स्वयं ...

मड़वा महल

भोरमदेव मंदिर के पास एक और महत्वपूर्ण एतिहासिक स्मारक मड़वा महल दर्षनीय हैं। जो कि भोरमदेव से लगभग 1 किमी. की दूरी पर स्थित  हैं। मड़वा मह...

बुंदेलखंड के सोमनाथ : खंडहर में बसा इतिहास

 पुराने समय में शिवभक्त राजा या शासक  लोग अपने नाम के साथ ‘नाथ’  या ‘ईश्वर’ जोडकर शिवमंदिर का निर्माण कराया करते थे, किंतु सोमनाथ का नाम प्...

पत्‍थरों में छलकता सौंदर्य भोरमदेव मंदिर समूह

छत्‍तीसगढ़ स्‍थापत्‍य कला के अनेक उदाहरण अपने आंचल में समेटे हुए हैं। यहां के प्राचीन मंदिरों का सौंदर्य किसी भी दृष्टि में खजुराहो और को...