Jul 11, 2010

फरीदाबाद में आज मनाई गयी महाराणा प्रताप जयंती

आज एक तरफ बुलंदशहर में महाराणा प्रताप की मूर्ति का अनावरण करने के लिए ठाकुर अमर सिंह जी व उत्तर प्रदेश सरकार आमने सामने है वही फरीदाबाद में क्षत्रिय विकास मंच ने शहर के सेक्टर २३ के कम्युनिटी हाल में महाराणा प्रताप की जयंती मना उस महान देशभक्त और वीरशिरोमणि को याद कर शत-शत नमन किया |
ज्ञात तो कि देशभर में महाराणा प्रताप की जयंती १५ जून को मनाई गयी थी पर क्षत्रिय विकास मंच ,फरीदाबाद ने उस समय जगह -जगह महाराणा प्रताप की जयंती समारोह में भाग लेने के चलते हरियाणा सरकार की संसदीय सचिव सुश्री शारदा राठौड़ की व्यस्तता के कारण फरीदाबाद में महाराणा प्रताप की जयंती आज मनाई गयी |समारोह की अध्यक्षता उद्योगपति श्री नारायण सिंह जी शेखावत ने की व मुख्य अथिति बल्लभगढ़ की युवा विधायक व हरियाणा सरकार की संसदीय सचिव सुश्री शारदा राठौड़ थी |
समारोह की शुरुआत नन्हे मुन्हे बालक -बालिकाओं की नृत्य और कविताओं की प्रस्तुती के साथ हुई | बालक बालिकाओं की प्रस्तुती ने समारोह में शामिल सभी लोगों का मन मोह लिया|यही नहीं पूरे आयोजन में सबसे ज्यादा तालियाँ इन बच्चों ने बटोरी |
एक और गिरधारी सिंह राठौड़ ने महाराणा प्रताप पर कन्हैया लाल सेठिया की कालजयी रचना 'अरे घास री रोटी' ही प्रस्तुत की वही अपने जोशीले भाषण में रमेश सिंह तंवर ने महाराणा प्रताप के जीवन पर प्रकाश डालते हुए चितौड़ पर अकबर के आक्रमण के समय जयमल व पत्ता की वीरता का उल्लेख करते हुए उस युद्ध का वर्णन किया|
कुंवर रतन सिंह जी एडवोकेट ने अपने उद्बोधन में सरकार द्वारा स्कूली शिक्षा के विषयों से महाराणा प्रताप सम्बन्धी विषय वस्तु हटाने पर रोष व्यक्त किया उन्होंने कहा कि जब महाराणा प्रताप जैसे प्रेरणा नायक के बारे में बच्चों को पढाया ही नहीं जायेगा तो वे प्रेरणा किससे ग्रहण करेंगे |
समारोह में अपने ओजस्वी संबोधन में प्रेम नारायण शास्त्री जी ने बताया कि भारत के इतिहास में बलिदानों की गाथाएँ तो बहुत मिल जाएगी पर महाराणा प्रताप जैसा बलिदान,त्याग,शौर्य,शूरवीरता,सहनशक्ति,सबको साथ लेकर चलने की नेतृत्त्व क्षमता इतिहास में कहीं नहीं मिलेगी|
अपने अध्यक्षीय उदबोधन में ठाकुर नारायण सिंह शेखावत ने समाज में बच्चो की शिक्षा पर जोर दिया उन्होंने एक ऐसी समिति बनाने का भी प्रस्ताव दिया जो समाज के अभावग्रस्त बच्चों की शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता दे सके इसके लिए उन्होंने अपनी और इस तरह की बनने वाली किसी भी समिति को तन-मन और धन से सहयोग करने का वादा भी किया |
समारोह की मुख्य अतिथि सुश्री शारदा राठौड़ ने अपने भावपूर्ण भाषण में समाज में शिक्षा की महत्ता,इतिहास,समाज की राजनैतिक व सामाजिक ताकत,समाज में प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने,आरक्षण और वर्तमान में सबसे ज्यादा ज्वलंत मुद्दे गोत्र विवाद प्रकरण पर विस्तार से प्रकाश डाला| सुश्री राठौड़ ने समाज का आव्हान किया कि राजनैतिक और सामाजिक तौर पर संगठित रहे साथ आरक्षण के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि हमें आरक्षण नहीं चाहिए, हमें चाहिए अपने बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा दिलवाए ताकि वे प्रतिभा के बल पर प्रतियोगिता में आगे रहे न कि आरक्षण के बल पर | उन्होंने सेना व प्रसासनिक सेवा क्षेत्रों के आलावा ऐसे कई क्षेत्रों के नाम गिनाये जहाँ आरक्षण से नहीं प्रतिभा व योग्यता के आधार पर चयन होता है| गोत्र विवाद पर बोलते हुए उन्होंने कहा- इस समस्या की जड़ हमारे द्वारा अपने बच्चों को सही संस्कार व गोत्र सम्बन्धी जानकारियां न देना है यदि हम बच्चों को शुरू से ही समझाए कि समान गोत्र वाले तुम्हारे भाई-बहन है तो भविष्य में कभी भी समान गोत्र में शादी करने की सोचेंगे भी नहीं परन्तु जानकारी के अभाव में समान गोत्र में शादियाँ हो रही और परिणाम स्वरूप इस तरह की शादियाँ करने वाले बच्चों की हत्या तक के प्रकरण सामने आ रहे है इसलिए जरुरी है कि हम अपने बच्चों को ये शिक्षा समय रहते दे ताकि इस तरह के प्रकरण हो ही नहीं|
महाराणा प्रताप के जीवन आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए सुश्री राठौड़ ने कहा कि महाराणा ने सभी वर्गों को साथ लेकर अकबर के साथ मेवाड़ की स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ी एसा इतिहास में देखने को कम ही मिलता है हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए | महाराणा के भाई शक्ति सिंह जो अकबर के साथ थे और महाराणा के खिलाफ लड़ रहे थे लेकिन संकट समय उन्होंने भी अपने भाई की सहयता कर महाराणा का जीवन बचाया हमें शक्ति सिंह से भी प्रेरणा लेनी चाहिए कि अपना अपना ही होता है संकट समय बेशक अपने भाई से विवाद हो पर उसका साथ देना चाहिए | समारोह में अपने भाषण के दौरान सुश्री राठौड़ ने क्षत्रिय विकास मंच को अपनी और से आर्थिक सहायता के तौर पर २५०००रु. देने की घोषणा की | साथ ही मंच द्वारा महाराणा प्रताप की शहर में एक मूर्ति स्थापित करने व एक सामुदायिक भवन के लिए भूमि की व्यवस्था की मांग पर ईमानदारी से सहायता करने का वचन दिया|
अपने भाषण की समाप्ति के बाद हरियाणा की संसदीय सचिव ने समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बालको को पारितोषिक का वितरण किया व समारोह में आये गणमान्य लोगों को शिवाजी महाराज के चित्र भेंट किये | ज्ञात हो कि क्षत्रिय विकास मंच अपने हर सालाना कार्यक्रम में किसी एक महापुरुष के चित्र आगंतुकों को भेंट करता है |
मंच के अध्यक्ष श्री एस एस तंवर ने क्षत्रिय विकास मंच के कार्यों आदि पर प्रकाश डालते हुए समारोह की मुख्य अतिथि सुश्री शारदा राठौड़ से मंच के सामुदायिक भवन बनाने के लिए एक छोटा भूखंड उपलब्ध करवाने व फरीदाबाद में कहीं भी प्रेरणा के श्रोत व स्वातंत्र्यचेता महाराणा प्रताप की मूर्ति लगवाने का अनुरोध किया जिसे सुश्री राठौड़ ने सहर्ष स्वीकारते हुए इस सम्बन्ध में पूरे सहयोग का वादा किया | मंच अध्यक्ष ने घोषणा की कि सुश्री राठौड़ द्वारा मंच की आर्थिक सहायतार्थ घोषित राशि भी तभी ली जाएगी जब सामुदायिक भवन के लिए भूखंड का इंतजाम हो जायेगा |

समारोह के समापन कार्यक्रम के बाद सभी आगंतुको के लिए लजीज भोजन की भी व्यवस्था थी |

विलक्षण व्यक्तित्व के धनी महाराणा प्रताप |
कसर नही है स्याणै मै

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