Aug 23, 2008

Aug 9, 2008

Aug 8, 2008

राजपूत कौन

विविधायुध वान रखे नितही , रण से खुश राजपूत वही | सब लोगन के भय टारन को ,अरी तस्कर दुष्टन मारन को | रहना न चहे पर के वश में ,न गिरे त्रिय जीव...