Apr 12, 2013

श्री क्षत्रिय वीर ज्योति : क्षत्रिय-संसद "6 th क्षत्रिय मंथन शिबिर का आयोजन

सम्मानीय क्षत्रिय बंधु
...जय संघ शक्ति ....!

मुझे “श्री क्षत्रिय वीर ज्योति” के संस्थापक राज ऋषि मधुसूदन दास जी महाराज द्वारा आप जैसे चुनिंदा क्षत्रिय सरदारो के साथ संपर्क करने हेतु निर्देशित किया गया है! आप एवं आप की संस्था जो समाज जागरण पुनीत प्रयास मे संलग्न है, साधु वाद के पात्र है !आज की इस विषाक्त क्षीण एवं चहूं ओर से पतन पर पहुँची दयनीय व्यवस्था के लिए निश्चित रुप से पतन की पराकाष्ठा को पार कर चुका भ्रष्ट नेतृत्व ही उत्तरदायी है !यह आप सभी से छिपा हुआ नहीं है !वर्तमान परिवेश मे जहाँ मानवीय मूल्यों के साथ आमजन का जीवन दु:भर हो गया है !इस अराजक बेलगाम, झूठ से परिपूर्ण, दुश्चरित्र शक्तियों के व्यवस्था संचालन के अनैतिक, दिशाहीन, कुकृत्यों ने संपूर्ण मानव जाति को विनाश के गहरे गर्त में गोते लगाने के लिए छोड़ दिया है! आज की इस विभत्स परिस्तिथि को यदि तुरंत रोकने का प्रयास नहीं किया गया तो वर्तमान क्षत्रिय शक्तियों का पूर्णत: लोप होने के कड़ुवे सत्य को स्वीकार करने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं बचेगा! और हम प्रकृति एवं मानवता पर गहराए इन काले ख़तरे के बादलों को मूकदर्शक बन कर देखते हैं तो हमारे इस क्षात्र- धर्म के विरुद्ध आचरण को निश्चय ही क्षत्रिय इतिहास में काले अक्षरों में लिखा जाएगा! समाजवेत्ता एवं भारतीय मनीषीयों को यह एकमत से स्वीकार्य है कि यदि कभी भी और कहीं पर भी मानवता एवं सृष्टि के अस्तित्व ख़तरे में हो तो इसका अर्थ है कि उस काल एवं स्थान विशेष का क्षत्रित्व सुषुप्त अवस्था में जाचुका है !

अत: आज क्षात्र तत्व की सुषुप्तता को चैतन्य करने के अतिरिक्त अन्य कोई विकल्प नहीं हो सकता !इन विषम हालातों के परिमार्जन का केवल और केवल एक ही उपाय है और वह है “क्षात्र धर्म का पुन: उत्थान” ...!क्षात्र तत्व को चेतन्य करके चहुँ ओर हो रहे क्षय (विनाश) का त्राण करना यह ना केवल वर्तमान क्षत्रिय शक्तियों का दायित्व ही है बल्कि अपने पूर्वजों के यश को सुरक्षित रखने एवं आगामी पीढ़ियों के समक्ष क्षत्रिय आदर्शों को धुंधला न पड़ने देने का एकमात्र रास्ता है !पवित्र ग्रंथ श्री गीता में भी साक्षात ईश्वर श्री कृष्ण द्वारा द्वितीय अध्याय के श्लोक 31 से 33 में “संघर्ष के पलायन को आतुर तत्कालीन क्षत्रित्व के प्रतीक अर्जुन को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया है की ” निश्चित रूप से धर्म युक्त संग्राम से बढ़कर दूसरा कोई कार्य क्षत्रिय के लिए नहीं है !अपने आप प्राप्त हुए और खुले हुए स्वर्ग के द्वार स्वरूप इस प्रकार के धर्म संग्राम को भाग्यशाली क्षत्रिय ही प्राप्त करते हैं जिसमें विजय होने पर महामहिम (इस लोक का राज्य) और हारने पर देवत्व (स्वर्ग) प्राप्त होता है !"अत: ईश्वर के अति निकट दिव्य शक्तियों से विभूषीत राज ऋषि मधुसूदन दास जी महाराज, जो की श्री क्षत्रिय वीर ज्योति के संस्थापक होने के साथ ही सुविख्यात निर्वाणी अखाड़े के ख़ालसा के श्री महंत भी हैं, को सूक्ष्म ईश्वरीय चेतना द्वारा यह दिव्य निर्देश पाप्त हुआ है की - संपूर्ण आर्यवृत में बिखरी हुई व दिशाहीन क्षत्रिय शक्तियों को खोए हुए गौरव को पुन: स्थापित करने के लिए सार्थक एवं परिणाम मूलक एक लक्ष्य के सूत्र में पिरो कर धर्ममय समाज का शंखनाद करें! इन्हीं सब विषयों पर गहन चिंतन हेत 2 दिवसीय मंथन शिविर का आयोजन -राज ऋषि कुंज बिहारी दास जी की तपो भूमि, प्रकृति के सुरम्य वातावरण वर्तमान परिवेश से बिल्कुल दूर "JASAWALI SARKAR KA PARISAR,MACHCHHAND DISTT-BHIND (M.P.)के निकट है - में किया जाना सुनिश्चित हुआ है !मंथन शिविर में आर्यवृत के कोने कोने में कार्यरत सभी क्षत्रिय-महारथी(ऐसे कार्यकर्त्ता जो अपने साथ कम-कम १०० अन्य सक्रिय क्षत्रिय जोड़ने में सक्षम हो) और संगठनों के पूर्ण अधिकार संपन्न प्रतिनिधियों को भाग लेना है ताकि एक स्थायी “क्षत्रिय संसद” के निर्माण की प्रक्रिया भी पूरी हो सके! हमारे विश्वस्तसूत्रों से जानकारी मिली है की आप एवं आपका संगठन भी क्षत्रिय जागृति प्रयास में उच्च कोटि की भूमिका निभा रहे हैं !अत: हम सभी के इस पावन, ईश्वरीय प्रयास को साकार करने हेतु सभी महारथी एवं, संगठन पूर्णत: अधिकार संपन्न, सुविज्ञ प्रतिनिधि नियत समय एवं स्थान भेजकर इस धर्ममय मंथन शिविर को संपन्न करवाने में अपनी महत्ती भूमिका निभायें ...!

जय क्षात्र धर्मं...!

विशेष सूचना: इस मंथन शिबिर में देश के कोने --कोने में कार्यरत कोई भी कार्यकर्ता या किसी भी क्षत्रिय संघटन के सदस्य हिस्सा ले सकते है!

सादर
प्रचार प्रमुख
श्री क्षत्रिय वीर ज्योति
मोबाइल : 09868004695, 09422788740

शिविर स्थल :-
राज ऋषि कुंज बिहारी दास जी का आश्रम,JASAVLI SARKAR KA PARISAR, MACHHAND,DIST-BHIND,M.P. GWALIOR SE 80KMS. BHIND-JALOUN ROAD PAR BHIND SE 50KM. MACHHAND SE 06 KM. JASAVALI SARKAR KA PARISAR HAI.
शिविर तिथि:-
25-04-2013 को प्रातः (11.00 बजे ) से26-04-2013 (16.00 बजे तक)
सामान्य अनुदेश:-

शिविर में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों को अपने आगमन की सूचना एवं अपना मोबाइल नंबर प्रधान कार्यालय को शीघ्रातिशीघ्र देने होंगे !
*शिविर में आते समय अपने साथ 2 धोती 1 जनेऊ तथा 1 साफ़ा (पगड़ी) लेकर आएँगे तो सुविधा रहेगी !
*कृपया नियत तिथि से 1 दिन पूर्व में पहुँचने का प्रयास करें!
*हमारे कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क तुरंत बनाएँ ---

संपर्क सूत्र:-
राज ऋषि जी(हाडोती)- 09828359179 , कुँवर राजेंद्र सिंह(गुडगाँव ) - 09868OO4695 , कुँवर भवानी सिंह (दिल्ली) - 09213365865 , कुँवर जयपालसिंह गिरासे(महाराष्ट्र) -09422788740 कुँवर तेजवीर सिंह जादौन (अलवर ,राजस्थान )-09414231797, 09968044887 डा० पी०एस०सिकरवार(मध्य-भारत) - 09981932302 ,श्री भरत सिंह चौहान - 09414814342 श्री मान सिंह राठौड़ - 09460609888 कुँवर संजीव सिंह (बिहार) - 09708409309 कर्नल D.R.S. सिकरवार(उत्तर-प्रदेश) - 09415021582 कुँवरानी निशा कँवर (गुडगाँव)- 09350038422 ,श्री राजदीप सिंह जाडेजा(गुजरात)-09707537686 ,कुँवर कुलदीप सिंह सोलंकी (गुजरात)-09824744289 कुँवर Muktesh Singh Manhar(गुजरात)-09601189090, Shri Bhupendra Singh Kushwaha (Bhind)- 09335087378

1 comment:

Rajput said...

चिंतन जरूरी है वरना पतन की पराकाष्ठा समाज को विलुप्तता के कगार तक ले जाएगी।