Nov 21, 2010

"राजा नहीं फकीर है; देश की तक़दीर है...!"

भूतपूर्व प्रधान मंत्री एवं  महान नेता दिवंगत श्री विश्वनाथ प्रताप सिंहजी ने अपने विचार एवोम कृतियों से एक मिसाल कायम की है! उन्हें समझने में कई आज भी कई  लोग असमर्थ रहे है !  संकीर्ण विचार या कृतियों से दूर रहकर एक राजा आधुनिक समय में अपनी प्रजा के लिए कैसे कदम उठा सकता है यह श्री वि.पि.सिंह ने कर दिखाया! हमारे साठी श्री डॉ (मेजर) हिमांशु सिंघजी श्री वि.पि.सिंह साहब के करीबी रहे है! उनके निधन के बाद डॉ.हिमांशु सिंह ने अखबारों में जो लेख लिखे थे उन्हें हम इस ब्लॉग पर अपने पाठकों के लिए पेश कर रहे है!

                                                               

1 comment:

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

यह राजपूतो मे ही दिल है कि पिछडे वर्ग को आरक्षण की सुविधा दी .वह भी २७% ......