Mar 3, 2010

क्या हुआ जो रात का

क्या हुआ जो रात का उदास है अँधेरा |
कैसे रुक सकूँगा जबकि पास है सवेरा ||

स्वपन नाचते है आँख में घनी है नींद भी ,
आ रही है याद भूल खा गई नसीब भी |
किन्तु रही मै बना बस चलने का सहारा ||
कैसे रुक सकूँगा जब कि पास है सवेरा ||

थक गए है पाँव चूर हो गया शरीर है ,
और रोकती मुझे यह मोह की जंजीर है |
क्यों विवश बना आज ढूंढता बसेरा ||
कैसे रुक सकूँगा जब कि पास है सवेरा ||

प्रकाश बन के बुझ गई हृदय की मशाल भी ,
खो रहा हूँ लड़खड़ाती जिन्दगी के ताल भी |
मारा मरूँगा मै नहीं फिर बैठकर क्यों हारा ||
कैसे रुक सकूँगा जब कि पास है सवेरा ||

भीख मांगकर कभी मिल सके अधिकार क्या ?
प्रतिशोध ले सकी कभी आंसुओं की धार क्या ?
यज्ञ कुण्ड चाहता है बलिदान है हमारा ||
कैसे रुक सकूँगा जब कि पास है सवेरा ||
श्री उम्मीद सिंह ,खीनासर
28 दिसंबर 1958


जातीय भावनाओं का दोहन

9 comments:

सतीश सक्सेना said...

आपके पधारने और शानदार उदगार व्यक्त करने के लिए आभार ! जवाब देखने के लिए कृपया एक बार फिर तशरीफ़ लायें ! और हाँ, आपके वेब पेज के साथ कोई समस्या है जो खुल नहीं पता ...
सादर

नरेश सिह राठौङ said...

आशावाद को अभिव्यक्त करती सुन्दर रचना है |

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत सुंदर रचना.

रामराम.

Udan Tashtari said...

बेहतरीन..आनन्द आया.

Kapil Singh said...

HUM SHEKHAWAT (RAWANA) SHURU SE HI THE AUR RAHENGE........ AB KOI BHI SAMAJ KISI KA GHULAM NAHI HAI. HUM BHI APNA VAJOOD CHAHTE HAI... EK ALAG JATI, SAMAJ, NAAM, JISE SAMBHODHIT KAR KE BULA SAKE KI HUMARA SAMAJ "RAWANA RAJPUT" HAI..

JAI MATA DI KI SAA

DIGVIJAY said...

हम मृतयु वरन करने वाले जब जब हथियार उठाते हैं
तब पानी से नहीं शोनीत से अपनी प्यास बुझाते हैं
हम राजपूत वीरो का जब सोया अभिमान जगता हैं
तब महाकाल भी चरणों पे प्राणों की भीख मांगता हैं".................
EK ASHA NAYE SAMAJ KI JISME PHIR VAHI SOURYA HOOGA ...........
RAJPUTOON KE HAR ADARSH KO DIGVIJAY SINGH RATHORE {MERTIYA}KA PANVA DHOOK........
8003105252

Unknown said...

Jai rawana rajput
**from pali

devsa rathore said...

Sabhi ravna sirdaro ko Jai Mata Ri sa aap sabke vichar ache lage par samaj ki si te UPDATE karte rahe Aapas me bat cheet ka sil sila chalta rahega JAGROOK BANIYE TAbhi SAMAJ VIKAS KAREGA
Thank you JAI RASTRA VEER DALPAT SENA !

sanjay parmar said...

bahot achhi rachna he ye......... .....jai rajputana....
........jai mataji....